spot_img
spot_img

ताज़ा खबर

spot_img
spot_img

ब्रेकिंग न्यूज़

न बिरादरी पर गुरूर, न बिरादरी के वजूद से इनकार, अल्लाह ने कबीले पहचान के लिए बनाए, बरतरी और कमतरी के लिए नहीं

Byadmin October 9, 2026 0 Share न बिरादरी पर गुरूर, न बिरादरी के वजूद से इनकार अल्लाह ने कबीले पहचान के लिए बनाए, बरतरी और कमतरी के लिए नहीं डॉ...
spot_img

Most Recent

spot_img

उत्तराखंड

विकासनगर

spot_img

न बिरादरी पर गुरूर, न बिरादरी के वजूद से इनकार, अल्लाह ने कबीले पहचान के लिए बनाए, बरतरी और कमतरी के लिए नहीं

Byadmin October 9, 2026 0 Share न बिरादरी पर गुरूर, न बिरादरी के वजूद से इनकार अल्लाह ने कबीले पहचान के लिए बनाए, बरतरी और कमतरी के लिए नहीं डॉ...

देहरादून से निकलकर सीमांत तक पहुंची सरकार, बनबसा में पहली बार कैबिनेट बैठक

चम्पावत (डॉ बिलाल अंसारी)-उत्तराखण्ड सरकार ने शासन को प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में नई पहल शुरू की है।...

न बिरादरी पर गुरूर, न बिरादरी के वजूद से इनकार, अल्लाह ने कबीले पहचान के लिए बनाए, बरतरी और कमतरी के लिए नहीं

Byadmin October 9, 2026 0 Share न बिरादरी पर गुरूर, न बिरादरी के वजूद से इनकार अल्लाह ने कबीले पहचान के लिए बनाए, बरतरी और कमतरी के लिए नहीं डॉ जमशेद उस्मानी      आज जब मुस्लिम समाज में बिरादरी, क़बीले, नसब और “पसमांदा” जैसे अल्फ़ाज़ को लेकर बहस तेज़ है, तब ज़रूरत है कि इस मसले को सियासी नारों से नहीं बल्कि क़ुरआन और सुन्नत की रोशनी में समझा जाए। इस्लाम ने इंसान को उसकी पैदाइश, नसब, ख़ानदान या बिरादरी की वजह से न तो किसी दूसरे इंसान से ऊंचा बनाया और न किसी को नीचा। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि इस्लाम ने ख़ानदान, बिरादरी, क़बीले और नसब की पहचान को ही ख़त्म कर दिया। क़ुरआन का संदेश दोनों अतियों के बीच...

More from categories